गुजरात में मोदी-राहुल कितने असरदार? नोटबंदी का कितना असर?

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सूरत. गुजरात की राजनीति में नए चेहरों के आने के बावजूद मुख्य जंग बीजेपी और कांग्रेस के ही बीच है। ये बात गुजरात में एक से 10 नवंबर तक किए गए दैनिक भास्कर के सर्वे में सामने आई है। जातियों का पोलराइजेशन (ध्रुवीकरण) भले ही दिखाई दे रहा है पर वोटर पार्टी और कैंडिडेट को ध्यान में रखकर ही वोट देंगे, यह भी तय है। जीएसटी-नोटबंदी जैसे मुद्दे चुनाव में हावी रहेंगे। सर्वे में वेबसाइट, मिस्डकॉल सर्विस और अखबार के जरिए 85 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। जानिए इस बार गुजरात के चुनाव में किस मुद्दे का कितना असर हाेगा? गुजरात के लोग किस पार्टी को मौका देना चाहते हैं और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद और राहुल गांधी मंदिरों में दर्शन करते हुए कितने असरदार नजर आ रहे हैं?

नोटबंदी-जीएसटी
34% की राय में जीएसटी और नोटबंदी का असर होगा। कांग्रेस द्वारा जीएसटी-नोटबंदी के मुद्दे पर बीजेपी पर आरोप से यह चर्चा में है।
सर्वे का नतीजा :बीजेपी द्वारा जीएसटी-नोटबंदी के बचाव में अनेक दलीलों के बावजूद ज्यादातर लोगों की राय में यह प्रभावी रहेगा जबकि 26% की राय में इसका खास असर नहीं होगा।
जातिवाद का फैक्टर
– 61% लोग कैंडिडेट की जाति नहीं पार्टी देखकर वोट देंगे।
– 65% की राय में हार्दिक, अल्पेश या जिग्नेश का चुनाव के नतीजों पर असर नहीं होगा।
सर्वे का नतीजा :पहली बार गुजरात विधानसभा चुनाव में जातिवाद का मुद्दा उठा है। ज्यादातर लोगों ने कहा कि पार्टी देखकर वोट देंगे। पाटीदार भी बीजेपी को मौका देने के पक्ष में हैं।
एंटी इन्कम्बेंसी
– 22% लोगों की राय में सरकार की शराबबंदी की ढुलमुल पॉलिसी।
– 18.40% लोग फी रेग्युलेशन पर सरकार से नाराज, 18% की राय में इम्प्लॉइमेंट नहीं है।
सर्वे का नतीजा : पिछले 5 चुनाव में पहली बार एंटी इन्कम्बेंसी का मुद्दा दिखाई दे रहा है। नई नौकरियों के मुद्दे पर 18% से ज्यादा लोगों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
मंदिरों में दर्शन से कितना होगा फायदा?
– 55% की राय में राहुल को मंदिरों में जाने का फायदा नहीं मिलेगा। पहली बार कांग्रेस वाइस प्रेसिडेंट ने गुजरात के मंदिरों में जाकर दर्शन किया।
सर्वे का नतीजा : सॉफ्ट हिंदुत्व के नाम से पहचाने जाने वाले राहुल की नई पॉलिसी से कांग्रेस को कुछ फायदा होता नहीं दिख रहा। वहीं, 20% लोगों का मानना है कि यह पॉलिसी कांग्रेस के लिए फायदेमंद हो सकती है।

मोदी के पीएम बनने के बाद असर

– 45% लोगों का मानना है कि मोदी के गुजरात से जाने के बाद मिलाजुला असर दिखाई दिया।
– 55% की राय में स्थिति जैसी थी, वैसी ही है।
– 44.34% लोग मानते हैं कि मोदी के पीएम बनने के बाद बदलाव आया है।
– 30.31% लोगों का कहना है कि स्थिति ज्यादा खराब है।

किस दल को मौका?

– 62.32% लोगों ने कहा कि बीजेपी को फिर मौका देंगे।
– 30.76% ने कहा कि कांग्रेस के साथ जाएंगे।
– 6.92% बोले- तीसरे ऑप्शन को चुनेंगे।

‘विकास पागल हो गया’ v/s ‘मैं विकास हूं’

– 27.15%: विकास पागल हो गया।
– 61.51%: मैं विकास हूं के साथ।
– 11.34%: कह नहीं सकते।

पाटीदार फैक्टर

– 63% पाटीदार बीजेपी को मौका देने को तैयार।
– 31% पाटीदार कांग्रेस के साथ जाने के पक्ष में।
(जवाब देने वालों ने पाटीदारों पर हुए कथित दमन के मुद्दे पर सरकार से नाराजगी जताई है)

रूपाणी सरकार को 10 में से कितना प्वाइंट ?

– 31% लोगों ने रूपाणी सरकार को 10 में से 10 मार्क्स दिए।
– 60% ने रूपाणी सरकार को 8-10 मार्क तो करीब 28% ने मात्र एक से 4 मार्क्स दिया।
– 21.30% एक मार्क्स देने वाले।
– 6.67% पांच मार्क्स देने वाले।
– 10.81% 10में से 8 मार्क्स देने वाले।

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