सिर्फ 3 एमएम बारिश से कम हुआ 25% स्मॉग का असर, 3 दिन में हवा हो जाएगी साफ

0
0

अमृतसर.सोमवार की शाम मौसम में एकाएक तब्दीली आई और बूंदाबांदी के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। इससे जहां आबोहवा में घुले स्मॉग से कुछ राहत मिली, वहीं हल्की हवा चलने के कारण देर रात तक बारिश होती रही। मौसम विभाग के मुताबिक रात साढ़े आठ बजे खबर लिखे जाने तक करीब 3 मिमी बारिश हुई। इस दौरान अधिकतम तापमान 22.4 तथा न्यूनतम 12.6 डिग्री रहा और नमी 84 फीसदी दर्ज की गई। विभाग के मुताबिक यह स्थिति अगले 36 घंटों तक बनी रहेगी। बॉटनिकल एवं इनवायरमेंटल साइंसेज विभाग के साइंटिस्ट डॉ. अमरजीत सिंह सूदन का कहना है कि इस पहली बारिश में पर्यावरण में घुले यह पार्टिकल्स 20 से 25 फीसदी तक नीचे आ चुके हैं। वहीं मात्र तीन घंटे में बारिश से ही हवा में मौजूद प्रदूषित ठोस कण एक तिहाई कम हो गए। मौसम विभाग के मुताबिक यह स्थिति अगले 36 घंटों तक बनी रहेगी और इसके बाद शहर की हवा साफ हो जाएगी।

डॉ. सूदन का कहना है कि आमतौर पर माहौल में इधर-उधर के प्रदूषण जिसमें पराली, इंडस्ट्री तथा वाहनों के धुएं के चलते नाइट्रिक आक्साइड, सल्फर डाईआक्साइड, नाइट्रस आक्साइड आदि के साथ धूल के कण भी घुल जाते हैं। यह उस गर्म माहौल में हवा में तैरते रहते हैं और जब नमी मिलती है तो उसे सोख करके नीचे आ आ जाते हैं। डॉ. इंदरपाल सिंह का कहना है कि इनके कारण दमा, सांस और आंखों की बीमारियों के साथ एलर्जी की समस्या पैदा होती है।
3 घंटे में आधे रह गए हवा में मौजूद प्रदूषित ठोस कण
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अनुसार मंगलवार शाम 5.30 बजे बारिश शुरू से पहले शहर की प्रति घन मीटर हवा में पार्टिकुलेट मेटर (पीएम यानी धुंध में पाए जाने वाले ठोस कण।) 2.5 की मात्रा 153 माइक्रोग्राम थी, जो बारिश शुरू होने के तीन घंटे के बाद रात 8.30 बजे 113 माइक्रोग्राम हो गई। इसी तरह पीएम10 की मात्रा 5.30 बजे 266 माइक्रोग्राम थी, जो 8.30 बजे 147 माइक्रोग्राम तक गिर गई। डिप्टी डायरेक्टर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, पंजाब डॉ. चरणजीत सिंह नाभा के अनुसार प्रति घन हवा में पीएम2.5 की मात्रा 60 माइक्रोग्राम और पीएम10 की मात्रा 100 माइक्रोग्राम से कम ही रहनी चाहिए।
बारिश ने जनजीवन को कुछ वक्त के लिए स्मॉग से राहत दे दी , लेकिन इसके कारण सर्दी का भी अहसास होेने लगा है। इस बारिश ने अनाज मंडियों में फंसी धान की फसल को काफी हद तक प्रभावित किया है। देर शाम हुई इस बारिश से बचाने के लिए आढ़ती और किसान खुले में पड़ी बोरियों को ढकने में लगे रहे, लेकिन समुचित व्यवस्था न होने के कारण इसका काफी हिस्सा भीग भी गया, वहीं बूंदाबांदी लंबे समय तक चलने के कारण चारों तरफ कीचड़ फैल गया और यातायात बाधित रहा। अनाज मंडियों में खुले में पड़ी धान की बोरियों को ढकने के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। अकेले भगतांवाला दाना मंडी में इस वक्त करीब एक लाख बोरी खुले में पड़ी हुई है और उसमें से काफी भीग गई है। बताते चलें कि इस सीजन में 30 लाख बोरियां इस मंडी में आई थीं। पंजाब राइस मिलर्स एसोसिएशन के डायरेक्टर अशोक सेठी का कहना है कि भीगने के कारण इससे तैयार होने वाले चावल की क्वालिटी प्रभावित होगी और ऐसी स्थिति में किसान का भुगतान भी प्रभावित होता है। उनका कहना है कि पूरे सूबे में करीब पांच करोड़ बोरी पैडी और बासमती की आमद हुई थी उसमें से अभी 25 फीसदी की लिफ्टिंग नहीं हो सकी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here