हमने 14 Cr लोगों की गरीबी दूर की, बुलेट ट्रेन योजना तो दिखावा है: मनमोहन

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नई दिल्ली.मनमोहन सिंह मंगलवार को चुनाव प्रचार के लिए गुजरात पहुंचे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने तो 14 करोड़ लोगों की गरीबी दूर की। मोदी सरकार ने ज्यादा किराए वाली बुलेट ट्रेन योजना लॉन्च की। ये महज दिखावा है। सोमवार को मनमोहन ने कहा था, “मोदी सरकार को नोटबंदी को सबसे बड़ी भूल मानना चाहिए। इससे आर्थिक असमानता बढ़ेगी। इकोनॉमी को पटरी पर लाने के लिए जरूरी है कि आपसी बातचीत से रास्ता निकाला जाए।”

8 नवंबर इकोनॉमी का ब्लैक डे

– मनमोहन सिंह ने कहा, “8 नवंबर, 2016 का दिन इंडियन इकोनॉमी और डेमोक्रेसी के लिए ब्लैक डे साबित हुआ। कल हम सरकार की नुकसान पहुंचाने वाली योजना के खिलाफ ब्लैक डे मनाएंगे।”
– “कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए नोटबंदी जैसे कदम उठाना कारगर नहीं रहा। दुनिया में ऐसा कोई देश नहीं है जो नोटबंदी लागू कर 86% करंसी को मार्केट से बाहर कर दे।”
– “नोटबंदी और जीएसटी ने इकोनॉमी को जबर्दस्त नुकसान पहुंचाया। दोनों ने छोटे कारोबार की कमर तोड़ दी। मैं संसद में भी कह चुका हूं कि ये ऑर्गनाइज्ड तरीके से लूट है।”
– “2016-17 के पहले हाफ में भारत का चीन से इम्पोर्ट 1.96 लाख करोड़ था जो 2017-18 में ये बढ़कर 2.41 लाख करोड़ हो गया। देश की नौकरियों की कीमत पर चीन से सामान मंगाया जा रहा है।”
– “इम्पोर्ट में 45 हजार करोड़ की बढ़ोत्तरी हुई यानी एक साल में 23%। इसकी वजह नोटबंदी और जीएसटी ही है। मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि कांग्रेस ने 14 करोड़ लोगों की गरीबी दूर की।”

नोटबंदी ने इकोनॉमिक ग्रोथ धीमी की

– न्यूज एजेंसी के मुताबिक मनमोहन ने कहा, “नोटबंदी ने साबित कर दिया है कि वह नुकसान करने वाली इकोनॉमिक पॉलिसी साबित हुई। उसने केवल आर्थिक मोर्चे पर ही नहीं सोशल इंस्टीट्यूशनल लेवल पर भी नुकसान पहुंचाया।”
– “इकोनॉमी को किस तरह नुकसान पहुंचा, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इकोनॉमिक ग्रोथ धीमी हुई। नोटबंदी से समाज के कमजोर तबके को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा।”
– “जानकारों और रिपोर्ट्स में जितना बताया गया, उससे कहीं ज्यादा बिजनेस को नुकसान हुआ। नोटबंदी के फैसले से छोटे और मंझोले कारोबारियों को नुकसान हुआ।”
– “सरकार के फैसले से लोगों को अपनी नौकरियां गंवानी पड़ीं। नए जॉब भी नहीं आ रहे।”
लंबे वक्त तक होने वाले प्रभावों को लेकर चिंतित
– मनमोहन के मुताबिक, “मैं नोटबंदी के लंबे वक्त तक रहने वाले प्रभावों को लेकर
चिंतित हूं। हालिया गिरावट के बाद जीडीपी में सुधार हो सकता है लेकिन असमानता बढ़ना आर्थिक विकास के लिए खतरा है। ये असमानता नोटबंदी ने ही बढ़ाई है।”
– “ये अभी तक साफ नहीं है कि कैशलेस इकोनॉमी से छोटे कारोबारियों को फायदा होगा या नहीं। जबकि ये ही हमारी प्रायोरिटी होना चाहिए।”
नोटबंदी की बरसी को ब्लैक डे के रूप में मनाएगी कांग्रेस
– 8 नवंबर, 2017 को नोटबंदी के एक साल पूरे हो रहे हैं। इसे कांग्रेस ब्लैक डे के रूप में मना रही है। इस मौके पर राहुल गांधी सूरत जा सकते हैं।
– नोटबंदी के एक साल को बीजेपी ब्लैकमनी डे के रूप में मना रही है।

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