हिमाचल असेंबली इलेक्शन में 74% वोटिंग, पिछले चुनाव से 1% ज्यादा वोट पड़े

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शिमला/नई दिल्ली. ​हिमाचल प्रदेश असेंबली इलेक्शन में गुरुवार को कुल 74% वोटिंग हुई। ये 40 साल में सबसे ज्यादा वोटिंग परसेंटेज है। यहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। हिमाचल में फिलहाल, कांग्रेस की सरकार है। 2012 चुनाव में 73.4%फीसदी वोटिंग हुई थी। इस बार नतीजों का एलान 18 दिसंबर को होगा। इस चुनाव में 337 कैंडिडेट्स मैदान में उतरे हैं, इनमें से 62 मौजूदा MLAs हैं। 50,25,941 वोटर्स हैं। इलेक्शन में बीजेपी की ओर से प्रेम कुमार धूमल सीएम कैंडिडेट हैं, जो सुजानपुर से चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस की ओर से चेहरा मौजूदा सीएम वीरभद्र सिंह हैं, जो अर्की से चुनाव लड़ रहे हैं।

वीरभद्र बोले- हमें जीत का भरोसा
– न्यूज एजेंसी से बातचीत में इलेक्शन कमीशन के डाइरेक्टर जनरल दिलीप शर्मा ने कहा कि हिमाचल में चुनाव पूरी शांति के साथ हुआ। 68 सीटों में से किसी भी जगह से कोई भी गलत घटना सामने नहीं आई। कुछ जगहों पर मशीनों की दिक्कत जरूरी हुई। इसकी वजह से तय वक्त (पांच बजे) के बाद भी वोटिंग कराई गई।
– हिमाचल में सर्दी तेज हो गई है। इसके बावजूद सुबह से ही पोलिंग स्टेशंस पर भीड़ देखी गई।
– यूनियन मिनिस्टर जेपी. नड्ढा और कांग्रेस लीडर आनंद शर्मा ने भी वोटिंग की। शर्मा ने कहा- बीजेपी ने जनता से झूठे वादे किए हैं। सीएम वीरभद्र सिंह ने वोट डालने के बाद कहा कि उन्हें जीत का पूरा भरोसा है।
मोदी ने की थी वोट डालने की अपील
  • मोदी ने ट्वीट किया, “आज देवभूमि हिमाचल प्रदेश में मतदान का दिन है। मेरी विनती है कि सभी मतदाता लोकतंत्र के महापर्व में भाग लें और भारी संख्या में मतदान करें।”
  • प्रेम कुमार धूमल ने कहा, “हमने 50+ सीटें जीतने का टारगेट रखा है, लेकिन हर तबके से जिस तरह का सपोर्ट मिल रहा है, उसे देखते हुए तो यही लगता है कि हम 60 से ज्यादा सीटें जीत जाएंगे।”
  • धूमल के बेटे और हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, “अब वक्त आ गया है। लोगों ने हिमाचल को लूटने वाली कांग्रेस को बाहर करने का मन बना लिया है। प्रदेश को धूमल जी जैसे सीनियर लीडर की जरूरत है। राज्य पर 50 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज है।”

फेरे से पहले वोट डालने पहुंचे

  • मनाली के बाशिंग गांव में एक दूल्हा-दुल्हन ने शादी से ठीक पहले वोट डाला।
  • वे बाकायदा दूल्हा-दुल्हन के लिबास में ही पोलिंग बूथ पहुंचे थे।

कुर्सी की जंग यहां

  • मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह 6 बार सीएम रह चुके हैं। कांग्रेस जीती तो वे 7वीं बार सीएम बनेंगे जो एक रिकॉर्ड होगा। प्रेम कुमार धूमल दो बार सीएम रह चुके हैं।
  • दोनों ही नेता इस बार नई सीटों पर किस्मत आजमा रहे हैं। कांग्रेस 10 साल से अर्की को नहीं जीत सकी है। उसे वीरभद्र से उम्मीद है। वहीं धूमल को इस बार सुजारपुर से टिकट दिया गया है। यहां कांग्रेस के राजेंद्र राणा ने मुकाबला रोचक बना रखा है।

Q&A में जानिए हिमाचल विधानसभा चुनाव 2017 की खास बातें

Q. कितनी सीटें? कितने उम्मीदवार मैदान में? किस पार्टी के कितने? कितने वोटर? पिछली बार कितनी वोटिंग हुई थी?

सीटें-68
कैंडिडेट-337
वोटर-50,25,941
पिछली बार की वोटिंग-73.4%

कौन सी पार्टी, कितनी सीटों पर लड़ रही है?

पार्टी
सीटें
बीजेपी
68
कांग्रेस
68
बीएसपी
42
सीपीएम
14

Q. 2012 और 2014 के चुनावों का गणित?

2012 में कांग्रेस को हिमाचल विधानसभा में जीत हासिल हुई थी। उसे 36 सीटें मिलीं थीं। लेकिन, 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली। बीजेपी ने चारों सीटों पर कब्जा जमाया।
पार्टी
2012विधानसभा चुनाव
वोटशेयर
2014लोकसभा चुनाव
वोट शेयर
कांग्रेस
36
42.8%
00
41.1%
बीजेपी
26
38.5%
04
53.9%
एलएचपी
1
1.9%
00
इंडिपेंडेंट
5
12.1%
00
1.4%

Q. विधानसभा चुनाव में कितनी बार आमने-सामने आए धूमल-वीरभद्र?

बीजेपी ने 2 बार सीएम रहे प्रेम कुमार धूमल को चेहरा बनाया है। वहीं, कांग्रेस ने 4 बार सीएम रहने वाले मौजूदा मुख्यमंत्री वीरभद्र को चेहरा बनाया है। इस बार मुकाबला धूमल v/s वीरभद्र हो गया है। 1998 से इन्हीं दो चेहरों के बीच सीएम के लिए मुकाबला हो रहा है। ये 5वीं बार है, जब ये दोनों आमने-सामने हैं।

Q. कौन हैं हिमाचल चुनाव के बड़े चेहरे?

1) वीरभद्र सिंह
– हिमाचल प्रदेश के मौजूदा सीएम हैं। हिमाचल में सबसे लंबे वक्त तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता हैं। 5 बार लोकसभा के लिए चुने गए हैं। हालांकि, वीरभद्र सिंह और उनके परिवार पर करप्शन के आरोप भी लगे हैं। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज है। सीबीआई इसकी जांच कर रही है।
कब-कब रहे सीएम वीरभद्र सिंह?
– 1983-1990
– 1993-1998
– 2003-2007
– 2012-2017
2) प्रेम कुमार धूमल
– हिमाचल में बीजेपी के कद्दावर नेता। दो बार सीएम रहे। अभी हिमाचल में लीडर ऑफ अपोजिशन हैं। बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर धूमल के बेटे हैं। बीजेपी ने सीएम कैंडिडेट का एलान नहीं किया है, लेकिन धूमल इस दौड़ में आगे माने जा रहे हैं।
कब-कब रहे सीएम धूमल?
– 1998-2003
– 2008-2012
3) विक्रमादित्य सिंह
– वीरभद्र सिंह के बेटे हैं। शिमला रूरल से चुनाव लड़ने के लिए उतरे हैं। वीरभद्र 2012 में इस सीट से 20 हजार वोटों से जीते थे। यहां उनका मुकाबला सीएम के करीबी प्रमोद शर्मा से है।
4) अनिल शर्मा
– केंद्रीय मंत्री सुखराम शर्मा के बेटे अनिल शर्मा ने चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी ज्वाइन कर ली। वे मंडी से चुनाव लड़ेंगे। शर्मा वीरभद्र की सरकार में रूरल डेवलपमेंट मिनिस्टर थे। उनका मुकाबला दिग्गज कांग्रेस लीडर कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा ठाकुर से होगा। कांग्रेस ने चंपा ठाकुर को मंडी से कैंडिडेट घोषित किया है।

Q. कांगड़ा क्यों है किंगमेकर?

कांगड़ा में 15 विधानसभा सीटें हैं। 1985 से 2012 तक यहां जिस पार्टी के कैंडिडेट जीते, सरकार भी उसी पार्टी की बनी। पिछले तीन चुनावों की बात करें तो 2003 में यहां की 15 सीटों में से 11 पर कांग्रेस को जीत मिली और प्रदेश में सरकार भी उसी की बनी। 2007 में बीजेपी को यहां 9 सीटें मिलीं और उसने सरकार बनाई। 2012 के इलेक्शन में कांग्रेस को 10 सीटें मिलीं, बीजेपी 3 और इंडिपेंडेंट को 2 सीटें मिली थीं।

Q. किसने कितनी रैलियां कीं?

हिमाचल विधानसभा चुनाव से पहले 12 दिन चले इलेक्शन कैम्पेन में 450 से ज्यादा रैलियां हुईं। बीजेपी ने कांग्रेस से 80% ज्यादा रैलियां कीं। बीजेपी ने 197 और कांग्रेस ने 110 रैलियां कीं। बीजेपी की ओर से नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, स्मृति ईरानी और आदित्यनाथ स्टार कैम्पेनर रहे। वहीं, कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी के अलावा, आनंद शर्मा और विप्लव ठाकुर ने कैम्पेनिंग का मोर्चा संभाला।

ये भी जानें

11वीं बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं कांग्रेस के मनसा राम। पहली बार 1967 में कारसोग से चुनाव जीते थे।
19 महिला कैंडिडेट चुनाव लड़ रही हैं। बीजेपी से 6 और कांग्रेस से 3 कैंडिडेट हैं।
158 कैंडिडेट यानी 47% उम्मीदवार करोड़पति हैं।
14,567 फीट की ऊंचाई पर लाहौल और स्पीति असेंबली सीट का हिक्किम पोलिंग स्टेशन है।
6 वोटर्स हैं किन्नौर सीट के ‘का’ पोलिंग बूथ पर।

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